“दंत चिकित्सा मैनुअल टूथब्रश सामान्य अपेक्षाएँ एवं परीक्षण पद्धतियाँ (IS 18951:2025)” विषय पर मनक मंथन कार्यक्रम संपन्न

मानकीकरण प्रक्रिया को सहभागितापूर्ण बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम
इंदौर- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा मॉडर्न डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर के सहयोग से “दंत चिकित्सा मैनुअल टूथब्रश सामान्य अपेक्षाएँ एवं परीक्षण पद्धतियाँ (IS 18951:2025)” विषय पर एक दिवसीय मनक मंथन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आधुनिक दंत स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयोजित यह कार्यक्रम मानकीकरण के क्षेत्र में संवाद, सहभागिता और सुधार का एक प्रभावी मंच साबित हुआ।
कार्यक्रम में मॉडर्न डेंटल कॉलेज के लगभग 100 स्नातकोत्तर छात्र, शोधकर्ता एवं संकाय सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने मानक सुधार प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता दर्ज कराई।
शुभारंभ: परंपरा और तकनीक का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर श्री मोहित बदलानी, निदेशक; डॉ. सुरूचि सिसोदिया, वाइस डीन; तथा श्री राकेश सिंह धाकरे, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर, LNCT ग्रुप उपस्थित रहे। अतिथियों ने दंत चिकित्सा क्षेत्र में मानकीकरण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि BIS द्वारा नई तकनीकों के अनुरूप मानकों का निर्धारण देश की गुणवत्ता प्रणाली को मजबूत कर रहा है।
मानकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन BIS भोपाल शाखा कार्यालय के प्रमुख और वैज्ञानिक ‘ई’/निदेशक श्री मोहम्मद रिज़वान ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने मनक मंथन को BIS की परामर्श आधारित कार्यप्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग बताया।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों, बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं और वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप भारतीय मानकों को लगातार अपडेट किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और विशेषज्ञों की भागीदारी अनिवार्य है।
उन्होंने BIS की संरचना, मानक निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी समितियों के कार्य, उपभोक्ता सुरक्षा और गुणवत्ता संवर्धन में BIS की भूमिका पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
ऑनलाइन सहभागिता और तकनीकी इनपुट
MHD 08 की सदस्य सचिव एवं वैज्ञानिक ‘बी’ सुश्री हर्षदा गणेश कदम ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं। उन्होंने IS 18951:2025 से संबंधित प्रमुख प्रावधानों, परीक्षण पद्धतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ इसके सामंजस्य पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की।
IS 18951:2025 पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति
उद्घाटन सत्र के बाद BIS के वैज्ञानिक ‘डी’/संयुक्त निदेशक श्री राहुल कुमार ने मैनुअल टूथब्रश के लिए प्रस्तावित भारतीय मानक IS 18951:2025 की विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी।
उन्होंने निम्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की:
• मैनुअल टूथब्रश निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता
• आकार, डिजाइन और सुरक्षा मानक
• ब्रिसल स्ट्रेंथ, शेडिंग और फ्लेक्सिबिलिटी परीक्षण
• टॉक्सिसिटी, हाइजीन और उपभोक्ता सुरक्षा मानक
• उद्योग में स्वीकार्य सहनशीलता और परीक्षण विधियाँ
श्री कुमार की प्रस्तुति के पश्चात प्रतिभागियों द्वारा दिए गए सुझावों को BIS टीम ने गंभीरता से लिया। कई प्रतिभागियों ने परीक्षण प्रक्रिया को और अधिक उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाने, उपभोक्ता सुरक्षा पहलुओं को सख्त करने और नवाचार को बढ़ावा देने संबंधी सुझाव दिए।
प्रश्न-उत्तर और चर्चा का रोचक सत्र
पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और अपने अनुभव साझा किए।
शिक्षकों और छात्रों ने दंत स्वास्थ्य उत्पादों में गुणवत्ता की आवश्यकता, भारतीय बाजार में उपलब्ध टूथब्रश की विविधता और उपभोक्ता जागरूकता जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। यह संवाद मानकीकरण प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में सार्थक सिद्ध हुआ।
समापन: सहयोग और ज्ञान-विनिमय की सराहना
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें संस्थान के प्राध्यापकों, BIS टीम और छात्रों के योगदान की सराहना की गई।
मॉडर्न डेंटल कॉलेज ने BIS द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रमों को दंत स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और भविष्य में भी ऐसे सम्मिलित कार्यक्रम जारी रखने की इच्छा व्यक्त की।
मनक मंथन कार्यक्रम ने दंत चिकित्सा क्षेत्र में मानकीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम रखा। IS 18951:2025 पर हुए तकनीकी विमर्श से स्पष्ट है कि BIS न केवल उपभोक्ता सुरक्षा बल्कि गुणवत्ता-आधारित उत्पाद विकास को भी प्रोत्साहित कर रहा है। यह आयोजन भारतीय मानक प्रणाली को अधिक सहभागी, ज्ञान-आधारित और व्यवहारिक बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हुआ।
